VOCALS Chudail Ka Bhagya
Apr 27, 2026 16:10
· 11:15
· Hindi
· Whisper Turbo
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Speaker 2 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
चुडैल का भाग्य कहते हैं मनुष्र का भाग्य उसके जन्म लेते ही लिखना शुरू होता है परन्तु जो आत्माए होती है उनका क्या? श्री गंगा नाम का एक छोटा सा गाउं था जहां मनोहर नाम का व्यक्ति रहता था गाउं के मुख्या गरीब लोगों के साथ फेदभ
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Speaker 1 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
इस गाउं में अमीर और गरीब के बीच जो दिवार खड़ी है, उसे कोई नहीं गिरा सकता। गरीबों की तकदीर ही ऐसी होती है कि वो हमेशा छुक कर चले। क्योंकि गरीब चाहे कितना भी मजदूरी कर ले, पर वो गरीब ही कहलाएगा। मुख्या जी आपने सही कहा, आख
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Speaker 2 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
यहां का मुख्या होने के नाते सभी का मेरी ही निगरानी में होना चाहिए। मुख्या और वहां मौजूद अमीर लोगों की बाते गाउं के गरीब लोग सेर जुकाए चुपचाप सुन रहे थे। लेकिन मनोहर के अंदर ये अन्याय सहने के शक्ती खत्म हो रही थी।
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Speaker 1 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
मुझे जंधेरे में नहीं रहना, यहां से मुझे आसाद कर दो, मैं किसी को कोई नकसा नहीं पहुचाऊंगी। मुझसे डरो मत, मैं सिर्फ मुख्या के खून की प्यासी हूँ। लगता है, कुछ तो गलत हुआ है उस चुडेल के साथ।
1:57
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Speaker 1 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
वरना मुख्याजी का नाम लेकर वो एतना क्रोध नहीं करती।
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Speaker 2 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
मनोहर का घर भी उसी गाउं के किनारे सुनसान खंडहर घर के पास था। उस सावास को सिर्फ वो ही सुन पा रहा था। उस सुनसान खंडहर की आसपास गाउं का कोई भी वेक्ति नहीं जाता था। क्योंकि उनका कहना था कि वो चुडैल आजाद हो जाने के पाद सभी लोगों
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Speaker 2 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
मनोहर मैंने सुना है कि शहर के लड़किया बहुत चलाख होती हैं क्या पता इस गाम को बरबाद करने आई है या फिर भेदभाव मिटाने अम्मा मेरे आने से आपको प्रसनता नहीं बलके चिंता हो रही है मैंने भईया से सुना था कि यहां के लोगों के साथ बहुत बुरा स�
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Speaker 2 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
पहस बढ़ने से पहले मनोहर ने प्रियांशी को वहां से ले जाना बहतर समझा, प्रियांशी को गाउं के तौर तरीके पता नहीं थे, क्योंकि उसकी परवरिश उसके चाचा ने की थी, उनकी कोई संतान नहीं थी, जिस वज़ा से उन्होंने प्रियांशी को बहुत लाड़ �
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Speaker 2 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
जिसकी अकले दिन प्रियांशी ने गाउं में उस सुनसान घर और चुडेल की कहानी सुनी, तो उसे यकीन नहीं हुआ. भाया, क्यों क्याद कर रखा है एक मासूम को, वो चुडेल नहीं हो सकती. अगर कोई मदद के लिए पुकार रहा है, तो इसका मतलब है कि वो तकलीफ में
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Speaker 2 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
तुम उस आवाज को अंसुना कर दो भाईया आप कितना डर रहे हो समाना बदल गया लेकिन आप नहीं मनुहर के समझाने से प्रियांशी हार मानने वाले नहीं थी उसी रात जब सब सो रहे थे वो चुपचाप उस खंडहर की और बढ़ी दर्वाजे पर कदम रखते ही ठंडी
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Speaker 2 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
कोई मुझे इस दर्द से मुक्त करो मैं तुम्हारी मदद करना चाहती हूँ मुझे बताओ तुम्हारे साथ क्या हुआ था गाम वाले कहते हैं कि तुम चुडैल हो लेकिन मुझे नहीं लगता कि कोई आत्मा यो दर्द में रो सकती है तुम्हें किसने कैद किया मुझे गाम व
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Speaker 2 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
और होश्यार लड़की है डरावनी आवाज सुनकर प्रियांशे का दिल तेजी से धड़कने लगा लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और अंदर गई जहां बहुत अंधिरा था तभी उसे कोने की हलकी रोश्नी में एक परचाई दिखाई दी जिसके बिखरे बाल, सफेद कपड�
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Speaker 2 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
चमकती आँखें और दर्थ से भरा चहरा था मैं आजाद हो गई मुझे कोई नहीं रोक सकता कोई भी नहीं भगवान मनुश्यों की तरहें चुडैल का भाग्य भी बदल सकता है मिटी में कैट कैसे हुई और ये कंकाल किसके है तुम्हारे पास में ये मेरी मा है
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Speaker 2 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
जिन्हें बहुत नीचा दिखाया गया, निर्दोश होने के बहुत भी हमेज सजा भुगतनी पड़ी, सबका समय बदलता है, मेरा भी समय बदल गया। प्रियांशी ने हिम्मत चुटा कर उसकी कहानी पूछी, जिसे चुड़ैल ने डरावना और उदास होते हुए कहा, बर्सो
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Speaker 2 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
मेरे पिता मुखिया के घर चौकिदार थे, एक दिन उट पर चोरी का अलजाम लगा, और पंचायत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी, हमें बदनामी और फेद बहुत सहना पड़ा, फिर पंचायत ने मेरी मा और मुझे इस घर में जिन्दा दफना दिया। तुम्हार
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Speaker 1 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
इस गाउं में भेदभाव और जुल्म समय के साथ बढ़ता ही जा रहा है। अगले दिन गाउं में मुख्या के घर उसके पूते का जन्म दिन धूम धाम से मनाया गया, जिसमें गाउं के कुछ मुख्य व्यक्ति आमंत्रित थे। लेकिन तभी अचानक जन्म दिन की मौके पर �
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Speaker 3 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
इस चोर को जिन्दा रहने का कोई अधिकार नहीं है मुख्या जी मैं मानता हूँ कि मुझसे गलती हुई है पर अंतु मेरे बच्चे भूग से तड़ाप रहे थे इसलिए मैंने मजबूर होकर चोरी की क्या दिन आ गए है अब तो खुले आम भोजन चुराने की नौबत आ ग�
7:21
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Speaker 3 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
आपका काम न्याय करना है, बदला लेना नहीं, उसकी मजबूरी तो समझे। तुम इस गाउं की नहीं हो, तुमें कोई अधिकार नहीं है हमारे गाउं में आपसी मामले में दखल अंदाजी करने का। ये गाउं मेरे नियम मुसे चलता है, और यहां कानून वही है जो मैं कहू
7:39
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Speaker 1 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
मुख्या जी मैं भले ही इस गाउं की नहीं हूँ लेकिन अन्याय की खिलाफ बोलना हर इंसान का हक है क्या किसी भूखे को खाना चुराने की सजा मौथ होनी चाहिए प्रियांशी के विरोध से मुख्या क्रोधित हो गए और इसे दोशी ठहराने लगे तभी अचानक अंधेरा
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Speaker 2 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
तुझे सजा सुनाना बहुत पसंद है। तूने कई निर्दोशों को बर्बाद किया है। उनको सभी अधिकारों से बंचित रखा। लेकिन अब एक चुडैल इस चुल्म को खत्म करेगी। चुडैल तू तू तू आजाद कैसे होई। पंडित ने तो तेरी शक्तिया कमजोर
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Speaker 2 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
तुने गरीबों के साथ फेदभाव किया अब तेरी सजा का वक्त आ गया है मुख्या तुझे तडपा तडपा कर मारूंगी और उसी जमीन में दफन करूंगी जहां मुझे दफनाया गया मुझे मतमार मैंने जो किया वो गाउं की भलाई के लिए था भलाई तुने अपनी ता
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Speaker 1 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
चुडैल ने मुख्या को हवा में उठाया और अपने नुकीले नाखुनों से कई वार किये वो तड़पने लगा उसकी सांसे थमने वाली थी तभी उसकी पत्नी रोती हुई चुडैल के सामने आ गई और माफी मागने लगी ये देखकर चुडैल ने मुख्या को छोड़ दिय
9:37
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Speaker 1 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
प्यांची ने तुम्हें आजाद करवा के सही किया, बलकि मुझे स्वेम ही तुम्हें वक्त से पहले ही आजाद कर देना चाहिए था। रचना, रचना, चुडल, मुझे माफ कर दो, मैं तो बस मुख्या की बातों में बह गई थी, मुझे नहीं पता था कि तुम और तुम्हा
10:00
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Speaker 1 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
गाउं के सभी लोगों ने हाथ चोड़कर चुड़ेल से माफी मांगी। उनकी पश्चाता भरी आखे देखकर चुड़ेल भाउक हो गई। जिसके चलते उसकी परचाई हलकी होने लगी। अगर तुम लोग बदल गए हो, तो आखे से किसी गरीब के साथ अन्याय मत करना। त
10:26
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Speaker 1 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
काश कि आप सभी व्यक्ति साहस जुटाकर इस मुख्या के जुल्म को वहीं रोक देते तो आज रचना को चुडैल बनकर अपना बदलाना लेना पड़ता मनुष्य हो या चुडैल का भाक्य सिर्फ भगवान ही बदल सकते हैं वहां मौजूद सभी लोग अपने गलती पर शर्
10:52
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Speaker 1 (VOCALS Chudail Ka Bhagya)
हलंकी कभी कभी वहां से हलकी रोशनी जलकती थी कहानी सी सीख हमें समाज में अन्याय और भेद भाव का विरोध करना चाहिए जो लोग अपनी ताकत का दुरुपियों करते हैं वो जीवन में कभी न कभी आज नहीं तो कल अपने कर्मों का फल जरूर भुगतते हैं
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