PREMIX_01

16:17 8 Выступающие 6 Глава 193 сегменты

Глава

  1. 0:01
    Глава 1: एक बार की बात है, मुंबई शहर में आमित और रोहित नाम के दो दोस्त रहा करते थे। दोनों ने एक साथ पढ़ाई की थी और उनके रिष्टे की शिरुवात बहुत अच्छी थी। वे हर सुक दुख में एक दूसरे का साथ देते थे। सी रेच्टोराँट में जाते हैं और खाना अउडर करते हैं ऐसे अख़今年 kать इसे और डसांचे आह और करते हैं वाला डिश अउडर करते हैं थरी ओन्हेंर समस्टि करते हैं वेटरह जाता है औ दोनों का ऊज़र लेकर उसके सामने रख देता है फिर रामित और रोहित दोनों खाना खा लेते हैं और उसके बाद आती है बिल भरने की बारी आमित यार, अब मेरे पास तो पैसे नहीं है तुम्हें बिल पे कर दो मैं तुमें कल पैसे दे दूँगा अज़े ठीक है मैं भर देता हूँ और तुम्हें देने की कोई जरूरत नहीं है हम दोनों तो अच्छे दोस्त है ना तो हम एक दूसरे की इतनी भी मदद नहीं कर सकते दरसल आमित महनती और इमानदार व्यक्ति था जबकि रोहित चत्र और ये देखो मोबाइल में एक आर्टिकल निकला है मुंबई की सबसे बड़ी कंपणी ने जॉब इंटर्व्यू निकाला है अगर हम दोनों इस इंटर्व्यू में पास हो गए न तो हमें वहाँ नौकरी मिल जाएगी अगर वहाँ नौकरी मिल गई तो हम दोनों की लाइफ सेट तुम उसकी फिक्र मत करो, मैं अपने घर से पैसे लेकर आता हूँ, फिर हम दोनों चलेंगे नए कपड़े लेने के लिए। इतना कहे कर अमित अपने घर की तरफ जाने लगता है, और इधर रोहित मन में मुस्कुराते हुए कहता है। यार यामित कितना भोला है मैं इसे जो कहता हूं वो मान जाता है इसके जैसा दोस्त मुझे ढूनने पर भी नहीं मिलेगा जब जो चाहूं वो इससे करवा सकता हूं मा मुझे 2000 रुपे देना मुझे जॉब इंटर्व्यू के लिए कपड़े खरीदने है लेकिन बेटा तुम् अच्छा मा, दोना पैसे, मैं एक अच्छा सा कपड़ा खरीद लूगा, और इन में से आप रोहित के लिए कपड़ा निकाल देना. 303s · Speaker 1

    एक बार की बात है, मुंबई शहर में आमित और रोहित नाम के दो दोस्त रहा करते थे। दोनों ने एक साथ पढ़ाई की थी और उनके रिष्टे की शिरुवात बहुत अच्छी थी। वे हर सुक दुख में एक दूसरे का साथ देते थे। सी रेच्टोराँट में जाते हैं और खाना अउडर करते हैं ऐसे …

  2. 5:04

    दिया लेकिन मैंने 500 पहले से बचा के रखा हुआ है इसलिए दोनों मिलाकर तुम्हारे लिए सूट खरीद देता हूँ अमित तुम मेरा कितना खयाल रखते हो मेरा खुद का भाई भी होता तुम मेरा इतना ख कपड़े लेकर चलो कल इंटरव्यू के लिए जाना है और सुबह नौ बजे तयार रहना लेट…

  3. 7:26

    है। मा, अब मैं जा रहा हूँ इंटरव्यू के लिए। ठीक है बेटा, जाने से पहले ये ले, दही शक्कर खाले। दही शक्कर खाना शुब होता है। इतना कहकर अमित की मा, अमित को दही शक्कर खिला देती है। फ तो नया वाला सूट पहन लेता है फिर दोनों इंटर्वियों के लिए चले जाते…

  4. 10:54

    अमित, रोहित बोल रहा था तुम इस प्रोजेक्ट में बिल्कुल भी इंवाल्ब नहीं थे और सारा महनत रोहित ने अकेले ही किया है इसलिए मैंने बोनस और प्रोमोशन सिर्फ रोहित को दिया है रोहित मेरे बच्पन का दोस्त था मैंने कभी ये नहीं सोचा था कि वो मेरे पीट � अगर अम…

  5. 12:49
    Глава 5: आमित रोहिट से कुछ नहीं कहता और बैंक में जाकर लून वापस करवा लेता है और उसी से अपनी मा का ओपरेशन करा देता है और ऐ फिर कुछ समय बाद एक और बड़ी प्रोजेक्ट आई। इस पार मानेजर ने पूरी जिम्मेदारी अमित को सौपी। अमित ने पूरी लगन और महिनत से काम किया और इसे शानदार तरीके से पूरा किया। अमित, तुमने तो ये प्रोजेक्ट बहुत ही अच्छी तरह से कम तुम्हें एक महिने की सेलरी बोनस के तौर पर बॉस तुमें खुद देंगे तुमने इस प्रोजेक्ट पर बहुत अच्छे तरह से मैनत किया है इस वज़ा से अब इसका टेंडर हमें ही मिलेगा और तुम्हें इस टेंडर का हैड लीडर तो पहले ही बना दिया गया था और मैं तुम्हें एक महिने का बोनस देता हूँ. 81s · Speaker 1

    आमित रोहिट से कुछ नहीं कहता और बैंक में जाकर लून वापस करवा लेता है और उसी से अपनी मा का ओपरेशन करा देता है और ऐ फिर कुछ समय बाद एक और बड़ी प्रोजेक्ट आई। इस पार मानेजर ने पूरी जिम्मेदारी अमित को सौपी। अमित ने पूरी लगन और महिनत से काम किया और…

  6. 14:10

    ठैंक्यू सेर, मैं अपना बेस्ट दूँगा और आपको शिकायत का कोई मौका नहीं दूगा. जबकि रोहित जो सुवार्थी स्वभाव के कारण दूसरों को नुकसान पहुचाता था, दीरे धीरे अपनी साथी करमचारियो क्या तुम यहां बैट कर टाइम पास कर रहे हो? नहीं, मैं, मैं कर रहा हूँ. मुझ…