章次 章 次
-
0:01
एक बार की बात है, मुंबई शहर में आमित और रोहित नाम के दो दोस्त रहा करते थे। दोनों ने एक साथ पढ़ाई की थी और उनके रिष्टे की शिरुवात बहुत अच्छी थी। वे हर सुक दुख में एक दूसरे का साथ देते थे। सी रेच्टोराँट में जाते हैं और खाना अउडर करते हैं ऐसे …
-
5:04
दिया लेकिन मैंने 500 पहले से बचा के रखा हुआ है इसलिए दोनों मिलाकर तुम्हारे लिए सूट खरीद देता हूँ अमित तुम मेरा कितना खयाल रखते हो मेरा खुद का भाई भी होता तुम मेरा इतना ख कपड़े लेकर चलो कल इंटरव्यू के लिए जाना है और सुबह नौ बजे तयार रहना लेट…
-
7:26章章章 章章 章 次 第一章 章 第一章 一章 3: है। मा, अब मैं जा रहा हूँ इंटरव्यू के लिए। ठीक है बेटा, जाने से पहले ये ले, दही शक्कर खाले। दही शक्कर खाना शुब होता है। … 206s · Speaker 4
है। मा, अब मैं जा रहा हूँ इंटरव्यू के लिए। ठीक है बेटा, जाने से पहले ये ले, दही शक्कर खाले। दही शक्कर खाना शुब होता है। इतना कहकर अमित की मा, अमित को दही शक्कर खिला देती है। फ तो नया वाला सूट पहन लेता है फिर दोनों इंटर्वियों के लिए चले जाते…
-
10:54章章章 章章 章 次 第一章 章 第一章 一章 4: अमित, रोहित बोल रहा था तुम इस प्रोजेक्ट में बिल्कुल भी इंवाल्ब नहीं थे और सारा महनत रोहित ने अकेले ही किया है इसलिए मैंन… 114s · Speaker 6
अमित, रोहित बोल रहा था तुम इस प्रोजेक्ट में बिल्कुल भी इंवाल्ब नहीं थे और सारा महनत रोहित ने अकेले ही किया है इसलिए मैंने बोनस और प्रोमोशन सिर्फ रोहित को दिया है रोहित मेरे बच्पन का दोस्त था मैंने कभी ये नहीं सोचा था कि वो मेरे पीट � अगर अम…
-
12:49
आमित रोहिट से कुछ नहीं कहता और बैंक में जाकर लून वापस करवा लेता है और उसी से अपनी मा का ओपरेशन करा देता है और ऐ फिर कुछ समय बाद एक और बड़ी प्रोजेक्ट आई। इस पार मानेजर ने पूरी जिम्मेदारी अमित को सौपी। अमित ने पूरी लगन और महिनत से काम किया और…
-
14:10章章章 章章 章 次 第一章 章 第一章 一章 6: ठैंक्यू सेर, मैं अपना बेस्ट दूँगा और आपको शिकायत का कोई मौका नहीं दूगा. 126s · Speaker 7
ठैंक्यू सेर, मैं अपना बेस्ट दूँगा और आपको शिकायत का कोई मौका नहीं दूगा. जबकि रोहित जो सुवार्थी स्वभाव के कारण दूसरों को नुकसान पहुचाता था, दीरे धीरे अपनी साथी करमचारियो क्या तुम यहां बैट कर टाइम पास कर रहे हो? नहीं, मैं, मैं कर रहा हूँ. मुझ…