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0:00Поглавље 1: नमस्कार दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं उस विशय पर जिसने हर इंसान के मन को कभी न कभी जगजोरा है उस सवाल पर जिसका जवाब ह… 299s · Speaker 1
नमस्कार दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं उस विशय पर जिसने हर इंसान के मन को कभी न कभी जगजोरा है उस सवाल पर जिसका जवाब हर कोई अपने अपने तरीके से खोजता रहता है उस सच्चाई पर जो हमारे समाज ने हमें सिखाई तो बहुत है लेकिन शायद प और वह विशय है धन…
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5:00Поглавље 2: मन से नहीं और जब मन अनुपस्थित होता है तो जीवन का जादू खो जाता है। सच्चा धन केवल वही कमा सकता है जिसने भीतर की सम्रिध्धी … 300s · Speaker 1
मन से नहीं और जब मन अनुपस्थित होता है तो जीवन का जादू खो जाता है। सच्चा धन केवल वही कमा सकता है जिसने भीतर की सम्रिध्धी को छुआ है। जिसने जाना है कि पैसा का कोई लक्ष नहीं बलकि एक दरपन है जो तुम्हारे भीतर की स्थिती को दिखाता है अगर तुम भीतर स…
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10:12Поглавље 3: पहले खुद को व्यवस्थित करो, फिर संसार अपने आप व्यवस्थित हो जाएगा, क्योंकि जो भीतर जीत लेता है, उसे बाहर जीतने की आवशक्ता … 300s · Speaker 1
पहले खुद को व्यवस्थित करो, फिर संसार अपने आप व्यवस्थित हो जाएगा, क्योंकि जो भीतर जीत लेता है, उसे बाहर जीतने की आवशक्ता नहीं रहती, उसके कदम अपने आप सही दिशा में चलते हैं, उसकी मेहनत भी फलदाई बनती है उसका हर कार्य सम्रिद्धी का कारण बनता है ज…
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15:12Поглавље 4: का अर्थ केवल नोट नहीं है बलकि वह संतुलन है जो तुम्हारे भीतर पैदा होता है ज� वह आंतरिक संतुलन ही बाहर समृध्धी बनकर जलकता … 303s · Speaker 1
का अर्थ केवल नोट नहीं है बलकि वह संतुलन है जो तुम्हारे भीतर पैदा होता है ज� वह आंतरिक संतुलन ही बाहर समृध्धी बनकर जलकता है, मेहनत से शरीर मजबूत होता है, पर समझ से भाग्य बनता है, और जब दोनों का मेल हो जाए, जब मेहनत में विवेक का साथ हो, तब जी…
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20:16Поглавље 5: बस देखते तो यह प्रवाह सहज बना रहता है। धन का रुकना अक्सर मन के रुकने का संकेत होता है। जब मन स्थिर नहीं रहता तो बाहर की … 300s · Speaker 1
बस देखते तो यह प्रवाह सहज बना रहता है। धन का रुकना अक्सर मन के रुकने का संकेत होता है। जब मन स्थिर नहीं रहता तो बाहर की स्थितियां भी अस्थिर हो जाती हैं और जब मन शांत हो जाता है तो संसार भी उस शांती को प्रतिबिंबित करता है। यही कारण है कि शां…
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25:16Поглавље 6: सबको समान अवसर देती ह जब तुम उसे गलत नहीं समझते, जब तुम उसे केवल भौतिक नहीं मानते, जब तुम उसे स्रिजन के साधन के रूप में … 283s · Speaker 1
सबको समान अवसर देती ह जब तुम उसे गलत नहीं समझते, जब तुम उसे केवल भौतिक नहीं मानते, जब तुम उसे स्रिजन के साधन के रूप में देखते हो, जिसने पैसे को समझ लिया, उसने जीवन को समझ लिया, क्योंकि पैसा केवल तुम्हारी आंतरिक स्थिती का प्रतिबिंब है, अगर भ…
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30:21Поглавље 7: अगर यह चला गया तो क्या होगा और यह भय ही उसके सारे सुख को निगल लेता है जो बुद्धिमान है वह जानता है कि पैसा साधन है साध्य … 300s · Speaker 1
अगर यह चला गया तो क्या होगा और यह भय ही उसके सारे सुख को निगल लेता है जो बुद्धिमान है वह जानता है कि पैसा साधन है साध्य नहीं पैसे का अर्थ केवल नोटों या संपत्ती में नहीं बलकि उस स्वतंत्रता में है जो वह प्रदान कर सकता है धन तुम्हें अवसर देता …
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35:21Поглавље 8: जब तुम्हारा मन स्पष्ठ है और तुम्हारा कर्म समर्पित है, तब सम्रिध्धी केवल संभाव्यता नहीं, वास्तविक्ता बन जाती है, पैसा केव… 202s · Speaker 1
जब तुम्हारा मन स्पष्ठ है और तुम्हारा कर्म समर्पित है, तब सम्रिध्धी केवल संभाव्यता नहीं, वास्तविक्ता बन जाती है, पैसा केवल कागज का ट वैसे ही पैसा भी केवल मुद्रा नहीं बलकि तुम्हारे भीतर की उर्जा का प्रतिफल है, जो व्यक्ति भीतर से स्थिर है, उसक…