VOCALS Chudail Ka Bhagya
অধ্যায়
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0:01অধ্যায় 1: चुडैल का भाग्य कहते हैं मनुष्र का भाग्य उसके जन्म लेते ही लिखना शुरू होता है परन्तु जो आत्माए होती है उनका क्या? 329s · Speaker 2
चुडैल का भाग्य कहते हैं मनुष्र का भाग्य उसके जन्म लेते ही लिखना शुरू होता है परन्तु जो आत्माए होती है उनका क्या? श्री गंगा नाम का एक छोटा सा गाउं था जहां मनोहर नाम का व्यक्ति रहता था गाउं के मुख्या गरीब लोगों के साथ फेदभ इस गाउं में अमीर और…
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5:31অধ্যায় 2: जिन्हें बहुत नीचा दिखाया गया, निर्दोश होने के बहुत भी हमेज सजा भुगतनी पड़ी, सबका समय बदलता है, मेरा भी समय बदल गया। प्रि… 71s · Speaker 2
जिन्हें बहुत नीचा दिखाया गया, निर्दोश होने के बहुत भी हमेज सजा भुगतनी पड़ी, सबका समय बदलता है, मेरा भी समय बदल गया। प्रियांशी ने हिम्मत चुटा कर उसकी कहानी पूछी, जिसे चुड़ैल ने डरावना और उदास होते हुए कहा, बर्सो मेरे पिता मुखिया के घर चौकिदा…
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6:54অধ্যায় 3: इस चोर को जिन्दा रहने का कोई अधिकार नहीं है मुख्या जी मैं मानता हूँ कि मुझसे गलती हुई है पर अंतु मेरे बच्चे भूग से तड़ाप… 62s · Speaker 3
इस चोर को जिन्दा रहने का कोई अधिकार नहीं है मुख्या जी मैं मानता हूँ कि मुझसे गलती हुई है पर अंतु मेरे बच्चे भूग से तड़ाप रहे थे इसलिए मैंने मजबूर होकर चोरी की क्या दिन आ गए है अब तो खुले आम भोजन चुराने की नौबत आ ग� आपका काम न्याय करना है, ब…
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8:06অধ্যায় 4: तुझे सजा सुनाना बहुत पसंद है। तूने कई निर्दोशों को बर्बाद किया है। उनको सभी अधिकारों से बंचित रखा। लेकिन अब एक चुडैल इस … 61s · Speaker 2
तुझे सजा सुनाना बहुत पसंद है। तूने कई निर्दोशों को बर्बाद किया है। उनको सभी अधिकारों से बंचित रखा। लेकिन अब एक चुडैल इस चुल्म को खत्म करेगी। चुडैल तू तू तू आजाद कैसे होई। पंडित ने तो तेरी शक्तिया कमजोर तुने गरीबों के साथ फेदभाव किया अब तेरी…
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9:08অধ্যায় 5: चुडैल ने मुख्या को हवा में उठाया और अपने नुकीले नाखुनों से कई वार किये वो तड़पने लगा उसकी सांसे थमने वाली थी तभी उसकी पत… 123s · Speaker 1
चुडैल ने मुख्या को हवा में उठाया और अपने नुकीले नाखुनों से कई वार किये वो तड़पने लगा उसकी सांसे थमने वाली थी तभी उसकी पत्नी रोती हुई चुडैल के सामने आ गई और माफी मागने लगी ये देखकर चुडैल ने मुख्या को छोड़ दिय प्यांची ने तुम्हें आजाद करवा के …