sarika miss 15
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Hátalar
Kaflar
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कल्पना कीजिए, आपके शहर में एक प्रिंटिंग प्रेस है, वो प्रेस 24 सों घंटे चलती है, कागज आता है, स्याही लगती है, और नोट बनते हैं, करोडों, अरबों, खरबों, ये प्रेस कभी नहीं रुकती, और इस प्रेस के मालिक वो कितना कमाते हैं, अगर आप सोचत इतना चतुर तरीक…
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इस ताकत से वो अर्थ व्यवस्था चलाते हैं, मंदी आती है तो पैसा चापते हैं, महंगाई बढ़ती है तो पैसा कम चापते हैं, बैंक डूपते हैं तो पैसा चापते हैं और बचाते हैं, ये खेल ये चलता रहता है, लेकिन यहां एक बड़ी समस्या है, जब बहुत ज्य जो पैसा चापते हैं व…