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7:47 2 Àwọn Àkọ́lé 3 Àwọn àgbègbè 126 àwọn àgbègbè

Àwọn Àkọ́lé

Àwọn àgbègbè

  1. 0:00

    आपकी सैलरी हर महीने एक तारीख को आती है और आप उसे देखते हैं थोड़ा गुसा आता है थोड़ा निराशा क्योंकि आप जानते हैं कि आप जितना मेहनत करते हैं उससे कम मिलता है लेकिन आपने कभी सोचा कि आखिर ये पैसा आप तक पहुँचने से पहले कहां जाता है वो तीन दर्वाजे…

  2. 1:02

    ये सच है, पर आधा सच. क्योंकि salary तै करने वाला असली formula कुछ और है. वो formula है, supply or demand. श्रम बाजार. जितने ज्यादा लोग एक जैसा काम करने को तैयार, उतनी कम आपकी value ये करूर है. पर ये economics है लेकिन ये पहला दर्वाजा भी नही…

  3. 6:03

    और मशीन को सैलरी नहीं चाहिए. ये तीसरा दर्वाजा अब और खुल रहा है. टेकनोलोजी के साथ श्रम का मूल्य और कम हो रहा है. पूंजी का मूल्य बढ़ रहा है. जिसके पास पूंजी है, वो और कमा रहा है. जिसके पास सिर्फ श्रम है, वो संगर्श कर रहा है। ये दुनिया दो हिस्…