क्यों देनी पड़ी थी माता सीता को अग्नि परीक्षा -- रामायण - Full Episode .209
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0:05Раздзел 1: जनगनंदनी रगुनंदन ने आपको पालके से उतर कर उनके पास चल कर आने का अधिश्ट दिया है अज मेरे 174s · Speaker 2
जनगनंदनी रगुनंदन ने आपको पालके से उतर कर उनके पास चल कर आने का अधिश्ट दिया है अज मेरे
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2:59Раздзел 2: क्रोध का अंत हो गया मुझ पर जो कलंक लगा था मैंने उस कलंक को और कलंक लगाने वाले उस शत्र को नश्ट कर दिया मैंने अपने पराक्रम… 120s · Speaker 1
क्रोध का अंत हो गया मुझ पर जो कलंक लगा था मैंने उस कलंक को और कलंक लगाने वाले उस शत्र को नश्ट कर दिया मैंने अपने पराक्रम से अपने परिश्रम को सफल कर दिखाया और इससे मैं अपनी प्रतिग्या पूर्ण करके उसके भार से मुक्त हो गया सीते जब तुम आश्रम में अ…
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5:25Раздзел 3: इतना ही आपने तो सब कुछ कहा प्रभू परन्तु अपनी पत्नी के लिए कुछ भी नहीं कहा इन सब के सामने आप यही कहना जाते थे कि आपने अपन… 303s · Speaker 2
इतना ही आपने तो सब कुछ कहा प्रभू परन्तु अपनी पत्नी के लिए कुछ भी नहीं कहा इन सब के सामने आप यही कहना जाते थे कि आपने अपनी पत्नी के लिए दुष्टावन से यूद नहीं किया क्योंकि मैं आपकी शत्रु की बंदी थी इसलिए आपकी द्रिष्� तो इस बात की है, कि आपने म…
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10:28Раздзел 4: जी मेरी आज्या का पालन हो यदि मेरा रिदय एक शन के लिए भी रगुनंदन श्री राम से दूर नहीं हुआ है तो संपून जगत की साक्षी अगनी द… 157s · Speaker 1
जी मेरी आज्या का पालन हो यदि मेरा रिदय एक शन के लिए भी रगुनंदन श्री राम से दूर नहीं हुआ है तो संपून जगत की साक्षी अगनी देख सब और से मेरी रक्षा यदि मैं सर्वतानिश कलंख हूं तो संपून जगत के साक्षी अगनी देव सब और से मेरी रक्षा करें। यदि मैंने मन…
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13:06Раздзел 5: दिशाय, दोनों संध्याय, पृत्वी देवी और अन्य देवता, मुझे शुद्चरित्र युग समझते हों, तो हे संपून जगत के साक्षी अगनी देव, सब औ… 17s · Speaker 2
दिशाय, दोनों संध्याय, पृत्वी देवी और अन्य देवता, मुझे शुद्चरित्र युग समझते हों, तो हे संपून जगत के साक्षी अगनी देव, सब और से मेरी रक्षा करें।
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17:47Раздзел 6: मैं आपकी सीता वापस लोटाने आया हूँ जिसने सदैव आपके लिए आराधना की है ये शुद्ध है निश्पाप है भगवन लोगों में सीता की पवित्रत… 25s · Speaker 4
मैं आपकी सीता वापस लोटाने आया हूँ जिसने सदैव आपके लिए आराधना की है ये शुद्ध है निश्पाप है भगवन लोगों में सीता की पवित्रता का विश्वास दिलाने के लिए सीता की ये शुद्धी विश्यक परिक्षा अविश्यक थी सीता तीनों लोकों मे
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19:34Раздзел 7: जो कुछ भी वनवास में बीता है उसमें विधी का हाथ है उसमें हमसे सब कुछ करवाया मैं भी निमित्र मात्र था है हे 67s · Speaker 1
जो कुछ भी वनवास में बीता है उसमें विधी का हाथ है उसमें हमसे सब कुछ करवाया मैं भी निमित्र मात्र था है हे
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20:41Раздзел 8: प्रभु आप स्वेम भगवान नारायन आप से परे कोई सत्यतत्व नहीं है रामा अवतार लेकर आपने जो पृत्वी पर लिला रची है उस रहसे का उ वै… 38s · Speaker 3
प्रभु आप स्वेम भगवान नारायन आप से परे कोई सत्यतत्व नहीं है रामा अवतार लेकर आपने जो पृत्वी पर लिला रची है उस रहसे का उ वैसे तो हर प्राणी भगवान का ही रोप होता है परन्तु मैं दशत पुत्र राम एक मानव हूँ और अपने भगवान पे पुरिशद्धा और विश्वास रखते …