माता सीता आई लव और कुश को श्री राम के दरबार में छोड़ने - रामायण

15:44 2 Kaikōrero 3 Whakahauhau 103 wehenga

Whakahauhau

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    रिशिवर आपको विश्वास दिलाने की कोई अविशन्ता नहीं राम के लिए आपकी वानी ही तेव वानी है और वही परम सत्य है मैं जानता कि लवकुष मेरे ही पुत्र है और ये सच मेरी आत्मा जानती है कि जिस पल ये राम आपी सीता बसंद है करेगा वो पल इस राम का � एक याचक की भात…

  2. 5:03

    मैं नहीं चाहते हूँ कि कल एक बार फिर कोई मेरे पुत्रों को उनके परिचय को लेकर प्रश्न करें। मैं नहीं चाहते हूँ कि मेरी तरह इनकी भी सम्मान को ठेश पोचें। मैं जानती हूँ आज यदि ये बार दल भी गरूँ तो कल एक बार फिर एक मा की सच्चाई पर � मैं जनकनंदिनी स…

  3. 10:24

    नहीं पुत्र, तुम्हें अपना अधिकार लेना ही होगा. नहीं मा, मैंने साथ ले जलो, हमें यह नहीं रहने हैं. मेरे इस्त्याग को फ्यर्तमत जाने देना पुत्र। तुम्हारे पिता को, आयोध्या को, तुम्हारा प्रेम चाहिए. मैं तुम्हारे पिता के पास छोड़ सबसे उचा होता है और…