श्री राम जी और सीता जी में से कौन जीतेगा अंगूठी ढूंढ़ने की रसम में -- रामायण - Full EP. 31
Поглавја
-
0:19Поглавје 1: महरानी हम यह जानना चाहते हैं कि अयोध्या की बहुरानी अपने पती से कितना प्यार करती हैं पर चाची आपको यह कैसे पता चलेगा वैसे … 69s · Speaker 8
महरानी हम यह जानना चाहते हैं कि अयोध्या की बहुरानी अपने पती से कितना प्यार करती हैं पर चाची आपको यह कैसे पता चलेगा वैसे जब पत्नी अपने पती को निवाला खिलाएगी उसके खिलाने के धंग से ही पता चलेगा हमें भी और आपको भी तुमने भी तो र कौन सी बड़ी बात …
-
1:50Поглавје 2: मधुसिक्त हाथों से सिया रगुवर को भोग लगा रही कैसा सुखद परिवेश है कैसे मधुर यहरीती है सब मुटित मन देखे युगल में जो परस पर … 103s · Speaker 3
मधुसिक्त हाथों से सिया रगुवर को भोग लगा रही कैसा सुखद परिवेश है कैसे मधुर यहरीती है सब मुटित मन देखे युगल में जो परस पर प्रीती है लक्षमी को जोदक अरपन परमहतारी राम से राम
-
3:33Поглавје 3: का हाथ पकड़ कर रखना जानकी उसे अंगूठी उठाने मत देना भाईया शीकर अंगूठी निकाल लीजिए भाईया कई भूल से भावी की पहने वी अंगूठी … 20s · Speaker 8
का हाथ पकड़ कर रखना जानकी उसे अंगूठी उठाने मत देना भाईया शीकर अंगूठी निकाल लीजिए भाईया कई भूल से भावी की पहने वी अंगूठी उनकी हासे मत निकाल लीजिएगा
-
4:58Поглавје 4: आयो द्ध्या नरीश मुझे अब तपोवन में लोटने के अनुमती थे गुरुशेश्ट आप अयोध्या से जाने के बारे में सोच रहे हैं एक तपस्वी इससे… 301s · Speaker 1
आयो द्ध्या नरीश मुझे अब तपोवन में लोटने के अनुमती थे गुरुशेश्ट आप अयोध्या से जाने के बारे में सोच रहे हैं एक तपस्वी इससे जादा क्या सोच सकता है अन्तु मैं मैं आपको खोना नहीं चाहता है आप जैसे राजा का मोह के अधीन होना शोभा नहीं देता राज यह आवाज…
-
9:59Поглавје 5: बहुता है। जैसे पल के आखों की हर प्रकार से रक्षा करती है उन्हें सुख पहुंचाती है उसी तरह से हम भी अपनी भवों को सुखी रखेंगे… 300s · Speaker 1
बहुता है। जैसे पल के आखों की हर प्रकार से रक्षा करती है उन्हें सुख पहुंचाती है उसी तरह से हम भी अपनी भवों को सुखी रखेंगे सिथे कि तुम क्या कर रही हूं परमेश्वर की जरन बंद न करना चाहती हूं मैं परमेश्वर नहीं हूं पती हूं तुमारा और तुम मेरी पत्नी…
-
15:01Поглавје 6: वो भटक सकता है यदि तुम जीवन में तुम ऐसा देखती हो तो तुम्हारा करतब भी है कि मुझे उस माग पर चलने से रोकना एक सच्चा मित्र अ… 119s · Speaker 2
वो भटक सकता है यदि तुम जीवन में तुम ऐसा देखती हो तो तुम्हारा करतब भी है कि मुझे उस माग पर चलने से रोकना एक सच्चा मित्र अपने मित्र को गलत रास्ते पर चलने से रोकता है ना उसी प्रकार तुम्हें जीवन भर मुझे सावदान करते रहना होगा सी और सह जीवन की पह…
-
17:01Поглавје 7: जानेंगे और हमेशा कहेंगे सीता राम ये प्रतिग्या है मेरी के के महाराज महाराज कितने 95s · Speaker 4
जानेंगे और हमेशा कहेंगे सीता राम ये प्रतिग्या है मेरी के के महाराज महाराज कितने
-
18:36Поглавје 8: उतावले हो रहे हैं देख रहे हैं दिली विवहा से पहले हर प्राता काल राम अपने पिता की चरन बंधना करने आता था आज भी � साथ्यानिस्… 158s · Speaker 1
उतावले हो रहे हैं देख रहे हैं दिली विवहा से पहले हर प्राता काल राम अपने पिता की चरन बंधना करने आता था आज भी � साथ्यानिस्ट है हार कोई अपना धारम भोल सकता है और मेरा राम कभी नहीं हम चारो
-
21:14Поглавје 9: भाई अपनी पत्नियों के साथ अपनी वेभाहिक जीवन के लिए प्रजा से आशिरवाद चाहते है तुमने बिल्कुल ठीक सुचा है राम और समय भी तुम्… 102s · Speaker 2
भाई अपनी पत्नियों के साथ अपनी वेभाहिक जीवन के लिए प्रजा से आशिरवाद चाहते है तुमने बिल्कुल ठीक सुचा है राम और समय भी तुम्हारे साथ है राम आयोध्या मे आज का ये पर्फ तब सभल और संपन्न होगा जब राम और सिता यहां आशिरवाद लेने आएंगे यो सपने देखती प्रज…