Amravati reel 3

14:03 2 Reproduktory 4 Kapitoly 218 segmenty

Kapitoly

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    Kapitola 1: अम्रावती रीलत्री बेटा जाखिर ए पापा आजा मेरी जान मेरे लाल बता कैसा है मैं ठीक हूँ पापा अरे वा पढ़ाई ठीक से चल रही है मम्मी देखो पापा असलाम वालेकुम जी वालेकुम असलाम कैसे हो समीरा मैं आच्छी हूँ आप कैसे हो बहुत अच्छा हू� अल्ला का रहम है आपका सर्प्राइस मुझे बहुत अच्छा लगा मैं तुम्हारे लिए गिफ्ट लेकर आया हूँ शबेना ये साड़ी तुम्हारे लिए शुक्रिया बेटा जाखेर ये कैमरा तुम्हारे लिए थैंक यू अबू अच्छा लगा बहुत अच्छा है अबू हाँ बेटा जाखेर, रेडी, स्माइल, अच्छा है अच्छा है, बेटा जाखेर, ये रेडी, स्माइल, ये सब तुम्हें कैसे पता है बेटा, अबू, कल जब मैं मम्मी के साथ शादी में गया था न, वहाँ जो फोटो कीच रहे थे, वो ऐसे ही बोल रहे थे, बहुत अच्� ये क्या बात हुई भला, लोग चाहते हैं उनका बच्चा डॉक्टर, इंजीनियर, कुछ बड़ाद में बने, और आप हो की फोटोग्रफर कह रहे हो, शबीना, ये फोटोग्रफी है न, ये एक कला है, सीखने दो, तू फोटो खीच बेटा, स्माइल, या अल्ला, तुम बा� अब जो थोड़ी बहुत पढ़ता था, वो भी नहीं पढ़ेगा. 299s · Speaker 1

    अम्रावती रीलत्री बेटा जाखिर ए पापा आजा मेरी जान मेरे लाल बता कैसा है मैं ठीक हूँ पापा अरे वा पढ़ाई ठीक से चल रही है मम्मी देखो पापा असलाम वालेकुम जी वालेकुम असलाम कैसे हो समीरा मैं आच्छी हूँ आप कैसे हो बहुत अच्छा हू� अल्ला का रहम है आपका सर…

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    स्माल, दिखाओ, एक मिनिट, हलो, मालेकुम सवलाम, अच्छा, ठीक है, मैं कल का फ्लाइट से वापस आ जाओंगा, खुदा हाफिस, शबीना, हांजी, मैं कल शाम की फ्लाइट से दुबई वापस जा रहा हूँ, एमर्जेंसी है, हमारे फैक्टरे और गोडाउन में आग ल� अब्बू मत जाओ ना अब्बू प्ली…

  3. 10:00

    क्यों घबरा रही है तू यहाँ तो कुछ भी नहीं है यहीं था मैंने अपनी आखों से देखा है यह सिर्फ तेरा ब्रह्म है चल नहीं नहीं सच में था चलो चलो कुछ नहीं है वहाँ � दाल चड़ा रखा है मैं आता हूँ मुत्तु जी यहीं बैठिये आपकी कहानी सुनके हमारा नशा उतर गया ये…

  4. 12:34

    है वो जब आता है ना वो औरत डेड़ लीटर दारू ऐसे गटा गट पीके तंदूरी चिकन को ऐसे खाती है जैसे कब से भूकी हो उसे मैंने जब देखा था तब मैं बहुत चोटा था तब भी मैंने अपने पैंट में मूत लिया था पता है चुपकर कुछ भी बोलता है अरे मै ओके गाईस एक गेम खेलते …