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0:06Модул 1: नमस्कार मित्रो, जै स्रीहरी, जै देवगुरु विरस्पती, आप सभी को हमारे चैनल पर हार्दिक स्वागत हैं. 301s · Speaker 1
नमस्कार मित्रो, जै स्रीहरी, जै देवगुरु विरस्पती, आप सभी को हमारे चैनल पर हार्दिक स्वागत हैं. मित्रो, बैदिक जोतिस में देवगुरु विरस्पती को ग्यान, धर्म, भाग, संतान, विबा, सिक्षा, धन, सम्रदी और अध्धात्मिक उनती का परमोकार जब भी देवगुरु रश्पती रा…
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5:08Модул 2: होता है कि यहां से गुरू आपके पर्थम भाव और आपके नवे भाव पर अपने दिश्टी रखेंगे आपकी पचम दिष्टी नवब भाव बजाएगी इससे आपकी उच… 145s · Speaker 1
होता है कि यहां से गुरू आपके पर्थम भाव और आपके नवे भाव पर अपने दिश्टी रखेंगे आपकी पचम दिष्टी नवब भाव बजाएगी इससे आपकी उच्छा, धर्ब, गुरु, भाग, लंबी आत्रावन सम्मंदित, विशोहों का परसान मिल सकता है गुरू की साथमी दिष्टी आपकी एकारस भावब जाएगी जिस…
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7:34Модул 3: अध्धात्मिक्ता, यात्रा और खर्चों संबंदित गतिविदिया बढ़ सकती हैं प्रिश लगन वालों के लिए गुरू यहां पीसे संकेत दे रहे हैं उन… 254s · Speaker 4
अध्धात्मिक्ता, यात्रा और खर्चों संबंदित गतिविदिया बढ़ सकती हैं प्रिश लगन वालों के लिए गुरू यहां पीसे संकेत दे रहे हैं उनके घर या संपत्ती के उजनाओं तथा करियर में स्वन्तुलित बनाने के लिए इशारा कर रहे हैं ताकि आप सही तरीके सागे बढ़ सकें बड़े ब…
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11:48Модул 4: जिसे सिक्षा, संतान, रश्नात्मत्ता और वो अधी कारवे पर ध्यान जा सकता है शर्तम दिश्टी आपके शर्तम भाव पड़ेगी जिसे बिवा, साजयद… 241s · Speaker 3
जिसे सिक्षा, संतान, रश्नात्मत्ता और वो अधी कारवे पर ध्यान जा सकता है शर्तम दिश्टी आपके शर्तम भाव पड़ेगी जिसे बिवा, साजयदारी और सारजनिक समंद्ध में समझभा ढाने क अध्यात्मिक्ता और लंबी आत्राओं से जुड़े पर्याशों को पर्साहान मिल सकता है। गुरु यहा…
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15:53Модул 5: गुरु की सात्में दिश्टी उन्हीं सतुत भाव पजा रही है जिससे उनकी सतुत भाव संपत्ति घर वाहन और परवारिक सुन संपंदित जनाओं को सक… 302s · Speaker 2
गुरु की सात्में दिश्टी उन्हीं सतुत भाव पजा रही है जिससे उनकी सतुत भाव संपत्ति घर वाहन और परवारिक सुन संपंदित जनाओं को सक्रिय हो सकते हैं गुरु की नौवी दिष्टी इनके चठे भाव पर जा रही है जिसे नौकरी कारेस्थल की चुनौतिया और शिवा समंधी मामलों पर भ…
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20:55Модул 6: लगन की तरफ बढ़ते हैं मील लगन के लिए गोचर उनके चठे भाव से होकर जा रहा है और गुरू की दिश्टी आपके रसम भाव प� जिससे आपकी दुर… 134s · Speaker 1
लगन की तरफ बढ़ते हैं मील लगन के लिए गोचर उनके चठे भाव से होकर जा रहा है और गुरू की दिश्टी आपके रसम भाव प� जिससे आपकी दुरस्त इवजनाय एकांतवास जिससे जूड़े विशे सक्री हो सकते हैं गुरु की नौवे दिश्टी आपके दिवतिय भाव बजा रही है इसे बचत परिवार वाण…
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23:09Модул 7: नमस्कार धन्यवाद 2s · Speaker 4
नमस्कार धन्यवाद