rangdebasanti-lowres

1:48 2 Wasemaji 2 Sura 27 sehemu

Sura

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    सर्फरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है देखना है जोर कितना बाजुए का दिल में है एक से करता नहीं क्यूं दूसरा कुछ बात चीत देखता हूं मैं जिसे वो चुप तेरी महफिल में है ए शहीदे मुलकों मिलत मैं तेरे उपर निसार अब तेरी हिम्मत का चर्चा गैर की महफिल मे…

  2. 1:09

    बाज हुए का दिल में ह हम तो घर से ही थे निकले बांध कर सर पर कफन जाहते ली पर लिए लो बढ़ चले हैं ये कदम जिन्दगी तो अपनी महमा मौत की महफिल में है सर फरोशी की तमना अब हमारे दिल में है सर फरोशी की तमना अब हमारे दिल में है देखना है जोर कितना बाजवे…