ReelAudio-42080

1:25 2 ஒலிப்பேழைகள் 1 அத்தியாயங்கள் 26 துண்டுகள்

ஒலிப்பேழைகள்

அத்தியாயங்கள்

  1. 0:00

    एक मुर्गे ने सुबह होती चोच बंद कर ली और बांग नहीं थी उसे पक्का यकीन था कि उसकी बांग से ही सूरज उकता है आज देखता हूँ मेरे बिना सूरज कैसे निकलता है वो सीना खुला कर बाड़े के उपर बैट गया और अंधेरे आस्मान को घूरने लगा पूर औरतें दूद दूहने निकली, …