Pragya Yog Protocol 01
Кароткае апісанне
The transcript describes a structured yoga practice that includes asanas (postures), pranayama (breathing exercises), and meditation. It outlines the sequence of poses, breath control, and meditation, emphasizing the importance of breath control and the use of both hands to maintain balance and alignment.
Главы
-
0:00Главы 1: प्रग्यायोग प्रोटोकॉल अभ्यासक्रम प्रग्यायोग शरीर, मन एवं भावनाओं के संतुलन का एक समन्वित अभ्यास है। इसके अंतरगत आसनात्मक … 182s · Speaker 1
प्रग्यायोग प्रोटोकॉल अभ्यासक्रम प्रग्यायोग शरीर, मन एवं भावनाओं के संतुलन का एक समन्वित अभ्यास है। इसके अंतरगत आसनात्मक अभ्यास, उपासनापरक अभ्यास तथा चिंतनपरक अभ्यास का समावेश है। इन अभ्यासों का उद्देश शरी प्रज्ययोग प्रोटोकॉल अभ्यास क्रम का …
-
3:12Главы 2: एक, दो, तीन, चार ततपस्षात संपूर सरीर को ढीला छोड़कर लंबी गेरी स्वास प्रस्वास लें सरीर की ठकावट को दूर करें स्वास की गती … 306s · Speaker 3
एक, दो, तीन, चार ततपस्षात संपूर सरीर को ढीला छोड़कर लंबी गेरी स्वास प्रस्वास लें सरीर की ठकावट को दूर करें स्वास की गती समाने होने दें अगला अभ्यास क्रम है संधी संचालन संधी संचालन के अभ्यास के लिए पैरों को मोडते हुए वजरासन की इस्तिती से दंडा…
-
8:19Главы 3: विप्रीद दिसा में एक दो एक दो इसी अवस्था में अगला भ्यास है कोहुनी नमन दोनों हातों को कंधे के समान अंतर रखें ध्यान रहे हते… 303s · Speaker 1
विप्रीद दिसा में एक दो एक दो इसी अवस्था में अगला भ्यास है कोहुनी नमन दोनों हातों को कंधे के समान अंतर रखें ध्यान रहे हतेलियां उपर आसमान की तरफ हों अब स्वास छोड़ते हुए कोहुनी से हातों को अपनी ओर मोड कर उंगलियों के अग्र भाग को कंधों पर रखें स…
-
13:22Главы 4: हुए बाया हाथ बाये पैर की एड़ी पर तथा दाया हाथ दाये पैर की एड़ी पर रखें अब धीरे धीरे स्वास भरते हुए आगे क अगला आसन है योग… 212s · Speaker 1
हुए बाया हाथ बाये पैर की एड़ी पर तथा दाया हाथ दाये पैर की एड़ी पर रखें अब धीरे धीरे स्वास भरते हुए आगे क अगला आसन है योग मुद्रासन सवितु हूँ अब स्वास छोड़ते हुए पहले की तरह पंजो पर वज्रासन के स्थिती में आएं स्वास भरते हुए, दोनों हात पीछे कमर…
-
16:54Главы 5: दें। अग्ला भ्यास है पाद घस्ताचन औम भुवाहा दोनों हाथों की हतेलियों को नीचे पैरों के पंजों के समीब रकते हुए धीरे -धीरे स्व… 151s · Speaker 5
दें। अग्ला भ्यास है पाद घस्ताचन औम भुवाहा दोनों हाथों की हतेलियों को नीचे पैरों के पंजों के समीब रकते हुए धीरे -धीरे स्वास छोड़ते हुए गुठने से पैर सीधा कर एडी को जमीन से लगाएं साथ ही साथ मात्य को घुटने से लगा कर पाधास्तासन की इस्तिती में आए…
-
19:26Главы 6: न्यास आये प्रारम करते हैं पवित्री करण बाय हाथ की हतेली में जल की भावना करते हुए दाईने हाथ की हतेली से बंद कर मंत्रो चारण… 143s · Speaker 4
न्यास आये प्रारम करते हैं पवित्री करण बाय हाथ की हतेली में जल की भावना करते हुए दाईने हाथ की हतेली से बंद कर मंत्रो चारण समाप्त होने पर उसे अपने समग्र शरीर पर छुड़के ओम पुनातु पुन्डरी काक्षह पुनातु पुंडरी काक्षः पुनातु आच्मन दाएं हाथ में जल…
-
21:49Главы 7: ओम् भुहु, ओम् भुवाह, ओम् स्वाह, ओम् महा, ओम् जनह, ओम् तपह, ओम् सत्यम्, ओम् तसवितुर्वरेन्यं, भर्गोदेवश्यधीमही, दियोयोनाह … 124s · Speaker 6
ओम् भुहु, ओम् भुवाह, ओम् स्वाह, ओम् महा, ओम् जनह, ओम् तपह, ओम् सत्यम्, ओम् तसवितुर्वरेन्यं, भर्गोदेवश्यधीमही, दियोयोनाह प्रचोदयात्, ओम् आपोज्योतीरसोम्रतं, प्रहमा भूर्भुवाह स्वाह ओम सामाने सिती में आएं अगला भ्यास है नियास बाई हतेली पर जल रख …
-
23:53Главы 8: नमा गायत्री आवाहन ओम आयातु वर्दे देवी त्रयक्षरे ब्रहम वादिनी गायत्री चंद सामातह ब्रहमयोने नमोस्तुते ओम सर्वेभ्यो देवेभ्य… 148s · Speaker 7
नमा गायत्री आवाहन ओम आयातु वर्दे देवी त्रयक्षरे ब्रहम वादिनी गायत्री चंद सामातह ब्रहमयोने नमोस्तुते ओम सर्वेभ्यो देवेभ्यो नमह गंधाक्षतम पुश्पानी धूपम दीपम नैवेद्यम समर्पयामी ततो नमशकारम करोमी सहिस्ता से आँखे खोलते हुए सामान इस्ति में आ जाएं…
-
26:22Главы 9: के माध्यम से करेंगे तो हतेलियों 112s · Speaker 5
के माध्यम से करेंगे तो हतेलियों
-
28:15Главы 10: को आपस में घर सर करते हुए आखो पर लगाएं और आखें सहस्ता से खोलेंगे सामाने सिदी अगला क्रम है सूर्य अर्ग्यदान विसर्जन आईए बै… 250s · Speaker 1
को आपस में घर सर करते हुए आखो पर लगाएं और आखें सहस्ता से खोलेंगे सामाने सिदी अगला क्रम है सूर्य अर्ग्यदान विसर्जन आईए बैठे बैठे ही दोनों हातों से अर्ग्यदान की मुद्रा बनाते हुए मंत्र के साथ भावना पूर्वक जल सूर्य भगवान को अर्पित करेंगे ओम सूर…
-
32:25
शांतिही, सर्वारिष्ट शुशांतिर भवतू। दोनों हाथों की हतेलियों को घरसर करते हुए चहरे पर लगाएंगे, आखें सहस्ता से हतेलियों के अंदर खोलेंगे, सामाने स्थिती में आएंगे.