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24:49 1 Speakers 5 Kapitlar 397 segments

Kapitlar

  1. 0:00

    नमस्कार दोस्तों, आज मैं आपसे एक ऐसी बात कहने वाला हूँ, जो आपकी सोच को पूरी तरह से बदल देगी। क्या आपने कभी सोचा है कि पैसा आखिर बनता किस से है? दिमाग से या मेहनत से? ये सवाल शायद आपके मन में भी आया होगा। कुछ लोग कहते हैं कि दिमाग से पैसा बनत…

  2. 5:00

    आज ही छोटे प्रयोग शुरू करो, एक छोटा ओनलाइन स्टोर खोलो, एक यूट्यूब चैनल शुरू करो, अपने पास किसी समस्या का हल बेचो, प्रयोगों से तुम्हें मार्केट का फीडबैक मिलेगा और दिमागी गलती सुधारने का मौका मिलेगा, छोटे छोटे कद सही लोगों से जुड़ो जो तुम्हें…

  3. 10:00

    में ही सफलता की कहानी लिखी जाती है जब आप कुछ नया करते हैं तो लोग आलोचना करते हैं याद रखो आलोचना केवल उन लोगों से आती है जो कुछ नया कर रहे होते हैं आलोचना को हतियार ना बनने दो उसे सीख बनाने दो अमीरों और सफल लोगों के अंदर कुछ आ ये आदतें आपको …

  4. 15:00

    उसने तमानी एक छोटी सी डाइरी में हर किसान की फसल बेचने का रिकॉर्ड रखा और उनके लिए छोटे छोटे पैकेटिंग आप्शन निकाले। धीरे धीरे हरी की मेहनत और उसकी दिमागी सूजबूज ने गाउं के कई किसानों की कमाई बदल दी महादेव चाचा ने रुक कर अरुन की आँखों में देखा…

  5. 20:03
    Kapitul 5: ने सीखा कि पैसा सिर्फ पाने की वस्तु नहीं वह जिम्मेदारी है वह अवसर है और वह न्याय का माध्यम भी बन सकता है अगर उस उसने समझ लिया कि उसके द्वारा चलाया गया ये छोटा सा क्रांती अब पीडियों तक नीम दे रहा है तो दोस्तों आखिर जबाब क्या है पैसा दिमाग से बनता है या मेहनत से सच्चा ये है कि दोनों से बनता है पर अलग -� अलग तरह मेहनत से पैसे तब बनते हैं जब आपकी मेहनत स्केलिबल हो, दिमाग से पैसे तब बनते हैं जब आपकी सोच, योजना और रचनात मक्ता दूसरों के लिए वैल्यू उत्पन न करें। अगर आप सच में पैसा और जीवन दोनों बदलना चाहते हैं, तो सबसे पहले आलस्य से दोस्ती तोड़ो और भ्रमों की चादर फार दो। अपने दिमाग को प्रशिक्षित करो वह आपकी सबसे बड़ी पूंजी है सही सवाल पूछो, छोटे छोटे प्रयोग करो और हर असफलता से सीख कर अगले कदम को बहतर बनाओ। जब आँखें साफ हों और इरादे सच्चे हों तभी मुश्किलें भी आपकी दोस्त बनेंगी। सोचो हर उस इंसान के पीछे जो सफलता की उचाई पर है एक नियम है, स आपको भी रोज की आदतें अपनानी हैं, छोटी पराकाश्ठाएं जो बड़े दिन की नीम रखेंगी, हर दिन एक प्रतिशत सुधार का लक्ष रखो, आज का एक प्रतिशत कल, साल भर में आपको अलग मुकाम पर पहुँचाएगा। महनत का मतलब सिर्फ शरीर का ठकना नह मेहनत की परिभाशा तब बदलती है, जब आपका हर कदम किसी मकसद की तरफ हो. 283s · Speaker 1

    ने सीखा कि पैसा सिर्फ पाने की वस्तु नहीं वह जिम्मेदारी है वह अवसर है और वह न्याय का माध्यम भी बन सकता है अगर उस उसने समझ लिया कि उसके द्वारा चलाया गया ये छोटा सा क्रांती अब पीडियों तक नीम दे रहा है तो दोस्तों आखिर जबाब क्या है पैसा दिमाग से…